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Dr. Rajan Ravichandran मशहूर नेफ़रॉलाजिस्ट (गुर्दारोग विशेषज्ञ)
डा. राजन रविचन्द्रन कहते हैं

"मधुमेह और उच्च रक्तचाप, जीर्ण गुर्दा रोग (क्रानिक किडनी डिसीज़ सी के डी) की ओर ले जा सकते हैं " >>
आरम्भ > मधुमेह रोगी (डायबिटिक)
किसे मधुमेह रोगी कहा जाता है?

>जिनको दो भिन्न अवसरों में खून की जाँच में निम्नलिखित माप हो, वे मधुमेह रोगी (डायबिटिक) हैं।

फ़ास्टिंग ब्लड शुगर १२६ मि.ग्राम % से ज़्यादा या
रान्डम ब्लड शुगर २०० मि.ग्राम % से ज़्यादा या
ब्लड शुगर ७५ ग्राम ग्लूकोस लेने के २ घंटे बाद २०० मि.ग्राम % से ज़्यादा

साधारण फास्टिंग ब्लड शुगर का माप ११० मि.ग्राम % से कम होना चाहिये और पोस्ट-प्रेन्डियल ब्लड शुगर १४० मि.ग्राम % से कम होना चाहिये।

अगर ब्लड शुगर का माप इन दोनों के बीच में हो तो, वह व्यक्ति पूर्व मधुमेह रोगी (प्रि-डायबिटिक) कहा जाता है।

मधुमेह एक जीर्ण रोग है जिसमें इन्सुलिन का उत्पादन या उपयोग कम होता है। इससे शरीर के कई अंगों जैसे दिल, गुर्दे, आंखें, नसों, इत्यादि में दीर्घकालिक उलझनें पैदा होती हैं।

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